बुधवार, 26 नवंबर 2008

साया की समीक्षा नए अंदाज में ..


नए राग से बांधे अक्सर बिछडे स्वर टूटी सरगम के...हिन्दी ब्लॉग जगत पर पहली बार - पॉडकास्ट पुस्तक समीक्षा
साया की समीक्षा हिंद युग्म आवाज़ पर न केवल आप पढ़ सकते हैं । साया की कुछ कविताएं आप दिलीप जी की मधुर आवाज़ में सुन भी सकते हैं ....मुझे इस पर आप सबके विचारों का इन्तजार रहेगा ...
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